परमेश्वर का सर्वव्यापी होना क्या अर्थ रखता है?
सर्वव्यापकता पर महान अंश भजन संहिता 139 है: "मैं तेरी आत्मा से कहाँ जाऊँ? या तेरी उपस्थिति से कहाँ भागूँ? यदि मैं स्वर्ग पर चढ़ूँ, तो तू वहाँ है; यदि मैं अधोलोक में अपना बिछौना बिछाऊँ, तो देख, तू वहाँ भी है।"