क्या परमेश्वर एक व्यक्ति हैं?
हाँ — और उस शब्द से जो हम सामान्यतः समझते हैं, उससे कहीं अधिक। पवित्रशास्त्र परमेश्वर को एक अव्यक्तिगत शक्ति, एक अस्पष्ट प्रभाव, या एक अमूर्त सिद्धांत के रूप में नहीं, बल्कि एक जीवित, व्यक्तिगत अस्तित्व के रूप में प्रकट करता है जो बोलते हैं, प्रेम करते हैं, कार्य करते हैं, उद्देश्य रखते हैं, भेजते हैं, दुःखी होते हैं, और आनन्दित होते हैं। पवित्रशास्त्र का पूर्ण प्रकाशन दिखाता है कि यह एक परमेश्वर अनन्तकाल से तीन भिन्न व्यक्तियों में विद्यमान हैं — पिता, पुत्र, और पवित्र आत्मा।