सच्चे बाइबल उत्तर

क्या परमेश्वर इतनी भारी चट्टान बना सकता है कि वह स्वयं उसे उठा न सके?

यह एक प्रसिद्ध दार्शनिक पहेली है — "सर्वशक्तिमत्ता का विरोधाभास" (omnipotence paradox)। यह मानकर चलती है कि परमेश्वर की शक्ति एक कच्ची, अमूर्त बल है जो सचमुच कुछ भी करने में सक्षम होनी चाहिए, जिसमें वे बातें भी शामिल हैं जो स्वयं-विरोधाभासी हैं। लेकिन पवित्रशास्त्र इस प्रश्न को एक बिलकुल भिन्न दृष्टिकोण से देखता है: परमेश्वर की शक्ति कभी भी उसके स्वभाव से अलग होकर कार्य नहीं करती। जिन बातों के बारे में पवित्रशास्त्र कहता है कि परमेश्वर "नहीं कर सकता," वे उसकी शक्ति की सीमाएँ नहीं हैं — वे उसकी सिद्धता की अभिव्यक्तियाँ हैं।